
भागलपुर की चंपापुरी केवल एक जैन तीर्थ नहीं, बल्कि अंगभूमि के प्राचीन इतिहास, श्रमण परंपरा और बहुधार्…

जनकपुर केवल नेपाल का एक धार्मिक नगर नहीं, बल्कि भारत और नेपाल के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का…

तेरहवीं और चौदहवीं सदी के दिल्ली सल्तनत काल में चिश्ती सूफियों ने भारतीय समाज के सामाजिक और सांस्कृत…

झारखंड के विभिन्न हिस्सों में नौवीं से अठारहवीं शताब्दी ईस्वी तक की प्रस्तर निर्मित गणेश प्रतिमाएं प…

झारखंड में वैष्णव परंपरा के विकास के प्रमाण प्राचीन विष्णु प्रतिमाओं, जगन्नाथ और कृष्ण मंदिरों तथा ट…

रांची के मोरहाबादी मैदान में श्री कृष्ण जन्मोत्सव एवं दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मुख्य…

रांची के बोड़ेया स्थित मदन मोहन मंदिर का निर्माण 1665 ईस्वी में शुरू हुआ था। ग्रेनाइट पत्थरों से बने…

जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व नहीं, बल्कि जीवन और कर्मों को ईश्वर को समर्पित…

इस विशाल गिरजाघर की स्थापना का श्रेय फादर गोस्सनर को जाता है। इसके निर्माण में फादर गोस्सनर ने तब अप…

संप्रति संथालों के बीच एक सुधारवादी संप्रदाय है, जो आरंभ से ही संथाल-समाज के दुर्गुणों को दूर करने क…