रांची: प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन द्वारा स्थापित पांचवें ‘जयपाल-जुलियस-हन्ना साहित्य पुरस्कार’ 2026 के लिए पांडुलिपियां आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक आदिवासी लेखक अपनी अप्रकाशित पांडुलिपियां 25 सितंबर 2026 तक भेज सकते हैं।
आदिवासी भाषाओं के लेखकों और उनकी अप्रकाशित रचनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस अखिल भारतीय पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। इसके अंतर्गत प्रत्येक वर्ष तीन उत्कृष्ट पांडुलिपियों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाता है तथा पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाता है। भारत के आधुनिक आदिवासी आंदोलन के तीन महान नायकों-जयपाल सिंह मुंडा, जुलियस तिग्गा और हन्ना बोदरा-के नाम पर स्थापित इस पुरस्कार के तहत अब तक देश के बारह आदिवासी रचनाकारों को सम्मानित किया जा चुका है।
फाउंडेशन की सचिव एवं प्रख्यात आदिवासी विदुषी वंदना टेटे ने बताया कि पुरस्कार के लिए किसी भी आयु के लेखक अपनी पांडुलिपि भेज सकते हैं। प्रविष्टियां आदिवासी भाषाओं के अतिरिक्त अन्य भारतीय भाषाओं, हिंदी और अंग्रेजी में भी स्वीकार की जाएंगी। आवेदन की अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 है। चयनित विजेताओं और पुरस्कार समारोह से संबंधित घोषणा 5 अक्टूबर 2026 को की जाएगी।
टेटे ने बताया कि यह पुरस्कार ‘झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ और ‘टाटा स्टील फाउंडेशन, जमशेदपुर’ के सौजन्य से प्रदान किया जाता है। चयनित पांडुलिपियों को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाता है और प्रत्येक विजेता लेखक को प्रकाशित पुस्तक की 50 प्रतियां निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इसके अतिरिक्त पुस्तक की बिक्री पर लेखक को 10 प्रतिशत वार्षिक रॉयल्टी देने का प्रावधान है। सम्मान समारोह के अवसर पर पुस्तक की 100 प्रतियों की रॉयल्टी अग्रिम रूप से नकद प्रदान की जाती है। विजेताओं को अंगवस्त्र, मानपत्र और प्रतीक-चिह्न देकर सम्मानित किया जाता है।
‘जयपाल-जुलियस-हन्ना साहित्य पुरस्कार’ 2026 से संबंधित विस्तृत जानकारी फाउंडेशन की वेबसाइट पर उपलब्ध है:
https://kharia.org/jaipal-julius-hannah-literary-award
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म:
https://forms.gle/JP7uC1Rhb7SW5n2d9

Comments (0)
Write first comment
Please Login to write comment