इमरान हाशमी पर्ल हाउस के आउटलेट उदघाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रांची पहुंचे थे। कार्यक्रम का निर्धारित समय दोपहर दो बजे था, लेकिन इमरान हाशमी शाम करीब सवा पांच बजे रांची पहुंचे। दोपहर 12 बजे से ही उनके सैकड़ों प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर जुटे हुए थे। इमरान के पहुंचने की खबर मिलते ही भीड़ में उत्साह और बढ़ गया। उनके प्रशंसक लगातार उनका इंतजार करते रहे। भीड़ इतनी अधिक थी कि सुरक्षा व्यवस्था में लगे जवानों को लोगों को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई प्रशंसक मोबाइल फोन से इमरान की तस्वीर और वीडियो बनाने के लिए बेताब नजर आए।
एक ओर कहते हैं, देश में रोजगार नहीं है और दूसरी ओर एक फिल्म अभिनेता को देखने के लिए हम घंटों इंतजार करते हैं। इस एक झलक से जीवन में क्या बदलाव आ पाएगा, कहना मुश्किल है। पर, हमारे देश की एक ऐसी युवा पीढ़ी भी है-लाखों में। समय दो का था, आए सवा पांच बजे। पर, हमारे देश के हाेनहार तो दोपहर ही रातू रोड की सड़क पर कब्जा कर लिए थे। रैप व झारखंड की पुलिस तो कभी-कभी बेबस नजर आ रही थी। तीखी धूप अलग से। भीड़ के कारण एक लड़की की हालत तो खराब ही हो गई। किसी तरह वह भीड़ से बाहर निकली। धक्का-मुक्की की बात अलग।
कुल 36 मिनट के करीब इमरान रहे और उन्हें अपने रेंज रोवर वाहन से बाहर आने और इसके बाद वापसी में भी पसीने छूट गए। भीड रह-रहकर बेकाबू हो जा रही थी। शोरूम के बाहर संचालन कर रहीं मोहतरमा बस हाशमी के नारे ही लगवा रही थीं। भीड में कुछ प्रतिभाशाली युवा हाशमी का पोस्टर लिए भी खड़े थे। इसमें जेन जी ही नहीं, युवा, युवतर, अधेड़ सभी शामिल थे। कुछ तो अपनी जान की परवाह न कर ओवरब्रिज के ऊपर आटो पर खड़े होकर एक झलक पाने के लिए खडे थे। हादसों की कौन परवाह करे। हर हाथ मोबाइल पर रील ही बना रहा था। भीड की, अपनी, जाम की ।

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