जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में न सिर्फ शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि एशियन रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत की झोली में इन खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक डाल दिया। फाइनल में इस जोड़ी ने 484.6 का ऐतिहासिक स्कोर बनाकर तिरंगा लहराया।
दबाव में नहीं हारी हिम्मत, साउथ कोरिया को पछाड़ा
फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना दक्षिण कोरिया के सुहयोन होंग और गेउन चू से था। शुरुआत से ही मैच में काफी दबाव था, लेकिन सुरुचि और कमलजीत ने जबरदस्त मानसिक संतुलन और संयम दिखाया। जब भी कोरियाई टीम ने हावी होने की कोशिश की, भारतीय निशानेबाजों ने शांत रहते हुए बेहद सटीक शॉट लगाए और अपनी बढ़त बरकरार रखी। अंततः भारत ने 484.6 के नए एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड पर कब्जा जमाया। दक्षिण कोरिया (478.0) को सिल्वर और ईरान (415.8) को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
क्वालिफिकेशन में भी दिखाया था दम, तोड़े पुराने रिकॉर्ड
पदक पक्का करने से पहले इस जोड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में भी अपने शानदार फॉर्म का परिचय दिया था। दोनों ने मिलकर 587 (29 इनर 10) का स्कोर बनाया, जो एशियन गेम्स का नया क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। उन्होंने 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में सरबजोत सिंह और दिव्या सुब्बाराजू के 577 अंकों के पुराने रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, इस स्कोर के साथ उन्होंने 2021 में सौरभ चौधरी और मनु भाकर द्वारा बनाए गए एशियन रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली।
आर्थिक तंगी और चोट से लड़कर यहां पहुंचे कमलजीत
भारत को गोल्ड दिलाने वाले कमलजीत हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सुल्खा गांव के रहने वाले हैं। 10 मीटर और 50 मीटर एयर पिस्टल दोनों में माहिर कमलजीत शुरुआत में एक एथलीट थे। चोट के कारण उन्हें ट्रैक-एंड-फील्ड छोड़ना पड़ा और 2019 में उन्होंने शूटिंग थाम ली। इस सफर में उन्हें भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। कई बार उन्होंने संसाधनों की कमी के चलते खेल छोड़ने का भी मन बनाया, लेकिन माता-पिता के समर्थन से वह डटे रहे। 2023 की जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले कमलजीत आज सीनियर स्तर पर देश के टॉप निशानेबाजों में शुमार हैं।
सुरुचि को पिता बनाना चाहते थे पहलवान
झज्जर (हरियाणा) की रहने वाली सुरुचि एक खेल पृष्ठभूमि वाले परिवार से आती हैं। उनके पिता उन्हें रेसलर (पहलवान) बनाना चाहते थे, लेकिन 13 साल की उम्र में उन्होंने शूटिंग को अपना करियर चुना। 2025 में सुरुचि ने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप (ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख) में लगातार तीन व्यक्तिगत स्वर्ण जीतकर पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था। दोहा वर्ल्ड कप फाइनल में 245.1 के जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीतने वाली सुरुचि को सरकार की 'टॉप्स' (TOPS) और एसीटीसी योजना से भी भरपूर मदद मिली है, जिसका परिणाम आज एशियन गेम्स के इस ऐतिहासिक गोल्ड के रूप में सामने है।
| देश | स्वर्ण 🥇 | रजत 🥈 | कांस्य 🥉 | कुल |
|---|---|---|---|---|
| चीन | 80 | 30 | 20 | 130 |
| जापान | 20 | 34 | 37 | 91 |
| दक्षिण कोरिया | 10 | 12 | 28 | 50 |
| कजाकिस्तान | 8 | 8 | 9 | 25 |
| उज्बेकिस्तान | 6 | 12 | 8 | 26 |
| ईरान | 6 | 10 | 4 | 20 |
| थाईलैंड | 5 | 4 | 7 | 16 |
| हांगकांग, चीन | 4 | 10 | 9 | 23 |
| उत्तर कोरिया | 3 | 3 | 3 | 9 |
| बहरीन | 3 | 2 | 0 | 5 |
| मलेशिया | 3 | 1 | 5 | 9 |
| कुवैत | 2 | 1 | 2 | 5 |
| कतर | 2 | 1 | 1 | 4 |
| ताजिकिस्तान | 2 | 1 | 1 | 4 |
| भारत | 2 | 8 | 9 | 19 |

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